हिमाचल प्रदेश के पहले मेगा फूड पार्क – क्रेमिका फूड पार्क का उद्घाटन

क्रेमिका फूड पार्क

केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से क्रेमिका मेगा फूड पार्क प्राइवेट लिमिटेड का उद्घाटन किया। यह पार्क हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के ग्राम सिंघान में स्थित है। यह हिमाचल प्रदेश राज्य में संचालित पहला मेगा फूड पार्क है। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, हमीरपुर से लोकसभा सांसद अनुराग सिंह ठाकुर की उपस्थिति में उद्घाटन सम्पन्न हुआ।

यह पार्क हिमाचल प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के विकास को गति देगा। क्रेमिका मेगा फूड पार्क से ऊना जिले और आसपास के जिलों कांगड़ा, हमीरपुर और बिलासपुर के लोगों को लाभ मिलेगा। यह मेगा फूड पार्क 107.34 करोड़ रुपये की लागत से 52.40 एकड़ भूमि में स्थापित किया गया है। इस मेगा फूड पार्क के सेंट्रल प्रोसेसिंग सेंटर (सीपीसी) में डेवलपर द्वारा बनाई जा रही सुविधाओं में थोक-पैकेजिंग (24 मीट्रिक टन / घंटा), फ्रोजन स्टोरेज (1000 मीट्रिक टन), डीप फ्रीज, ड्राई वेयरहाउस, क्यूसी लेबोरेटरी के साथ मल्लिी-क्रॉप पुलिंग लाइन। और अन्य खाद्य प्रसंस्करण सुविधाएं शामिल हैं। पार्क में उद्यमियों और 3 पीपीसी द्वारा सोलन, मंडी, और कांगड़ा में कार्यालय और अन्य उपयोगों के लिए एक सामान्य प्रशासनिक भवन है और खेतों के पास प्राथमिक प्रसंस्करण और भंडारण के लिए सुविधाएं हैं।

मेगा फूड पार्क

इस अवसर पर श्रीमती बादल ने कहा कि मेगा फूड पार्क में 25-30 खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों में लगभग 250 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश का लाभ होगा और लगभग 450-500 करोड़ रूपये मूल्य का सालाना कारोबार होगा। यह पार्क 5,000 व्यक्तियों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करेगा और लगभग 25,000 किसानों को लाभान्वित करेगा।

श्रीमती बादल ने कहा कि पार्क में बनाए गए खाद्य प्रसंस्करण के आधुनिक बुनियादी ढांचे से हिमाचल प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों के किसानों, उत्पादकों, प्रोसेसरों और उपभोक्ताओं को काफी फायदा होगा और हिमाचल प्रदेश राज्य में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के विकास को बढ़ावा मिलेगा। ।

श्रीमती बादल ने यह भी कहा कि वर्तमान सरकार एक ऐसा वातावरण प्रदान करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है, जो भारत में उद्यम शुरू करने और भारत को एक लचीली खाद्य अर्थव्यवस्था और फूड फैक्ट्री ऑफ द वर्ल्ड बनाने के लिए इच्छुक निवेशकों के लिए सहज, पारदर्शी और आसान हो। सरकार ने खाद्य प्रसंस्करण को ‘मेक इन इंडिया’ का एक प्रमुख क्षेत्र बना दिया है।

पृष्ठभूमि:

प्रधानमंत्री नरेंद्रमोदी के दूरदर्शी मार्गदर्शन के तहत, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है ताकि कृषि क्षेत्र में तेजी से विकास हो और यह किसानों की आय को दोगुना करने तथा सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ पहल में प्रमुखता से अपना योगदान करें।

खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में मूल्य वर्धित करके और आपूर्ति श्रृंखला के प्रत्येक चरण में खाद्य अपशिष्ट को कम करने के लिए एक बड़ा बढ़ावा देने के लिए, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग पर विशेष ध्यान देने के साथ-साथ, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय देश में मेगा फूड पार्क योजना लागू कर रहा है। मेगा फूड पार्क एक क्लस्टर आधारित दृष्टिकोण के माध्यम से खेत से बाजार तक खाद्य श्रृंखला कायम करने के लिए खाद्य प्रसंस्करण हेतु आधुनिक अवसंरचना सुविधाओं का निर्माण करते हैं। केंद्रीय प्रसंस्करण केंद्र में सामान्य सुविधाएं और सक्षम बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जाता है और प्राथमिक प्रसंस्करण केंद्र (पीपीसी) और संग्रह केंद्र (सीसी) के रूप में प्राथमिक प्रसंस्करण और भंडारण के लिए सुविधाएं खेत के पास बनाई जाती हैं। इस योजना के तहत, भारत सरकार प्रति मेगा फूड पार्क परियोजना 50 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान करती है।

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