बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज ने लॉन्च किया अपना बहुप्रतीक्षित “बीएसई स्टार्टअप प्लेटफॉर्म”

बीएसई स्टॉक एक्सचेंज ने बहुप्रतीक्षित “बीएसई स्टार्टअप प्लेटफॉर्म” अभी हाल ही में लॉन्च कर दिया है. बीएसई स्टॉक एक्सचेंज का स्टार्टअप लिस्टिंग के लिए यह एक नया डिवीजन है. बीएसई स्टार्टअप लिस्टिंग मानदंडों के मुताबिक, एक स्टार्टअप के रूप में सूचीबद्ध करने वाली फर्म के पास सकारात्मक नेट-वर्थ होनी चाहिए, सरकार के साथ उसे स्टार्टअप के रूप में पंजीकृत होना चाहिए अथवा कम से कम 1 करोड़ रुपये का पेड-अप कैपिटल उपलब्ध होना चाहिए।

स्टार्टअप के लिए स्टॉक मार्केट लिस्टिंग आकर्षक बनाने के लिए, बीएसई लिमिटेड ने इसे अपने एसएमई सेगमेंट के भीतर एक नए डिवीजन के रूप में विकसित किया है. स्टार्टअप लिस्टिंग प्लेटफार्म आईटी, आईटीईएस, जैव प्रौद्योगिकी और जीवन विज्ञान, 3 डी प्रिंटिंग, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और ई-कॉमर्स जैसे क्षेत्रों में कार्य कर रही कंपनियों की सूचीबद्धता को सुविधाजनक बनाएगा. यह मंच कई अन्य क्षेत्रों जैसे हाई-टेक रक्षा, ड्रोन, नैनो टेक्नोलॉजीज, अर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बिग  डेटा, अर्टिफिशियल रियलिटी, ई-गेमिंग, रोबोटिक्स, जेनेटिक इंजीनियरिंग के क्षेत्र में भी कार्य कर रही स्टार्टअप इकाईयों को भी सूचीबद्धता एवं फंड रेजिंग में सहायक होगा.

बीएसई ने इस अवसर पर जारी एक सर्कुलर में कहा है, “स्टार्टअप कंपनियों को प्रोत्साहित करने के लिए, एक्सचेंज मौजूदा एसएमई (छोटे और मध्यम उद्यम) सेगमेंट के भीतर इस नए उप-सेगमेंट के निर्माण की घोषणा करने से प्रसन्न है.”

स्टार्टअप लिस्टिंग मानदंडों के सन्दर्भ में बीएसई ने कहा कि कंपनी को एमएसएमई मंत्रालय या औद्योगिक नीति और संवर्धन विभाग (डीआईपीपी) के साथ स्टार्टअप के रूप में पंजीकृत होना आवश्यक होगा. यदि कंपनी स्टार्टअप के रूप में पंजीकृत नहीं है, तो उसकी पेड-अप पूंजी न्यूनतम ₹ 1 करोड़ होनी चाहिए. कम्पनी कम से कम दो साल से अस्तित्व में होनी चाहिए, साथ ही साथ कम्पनी में किसी योग्य इंस्टीटूशनल इन्वेस्टर बायर (क्यूआईबी) या एंजेल इन्वेस्टर अथवा किसी अन्य मान्यता प्राप्त निवेशक का कम से कम दो साल के लिए निवेश भी बीएसई में फाइलिंग के समय ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस में अनिवार्य होगा.

फर्म के पास सकारात्मक नेट- वर्थ होना अनिवार्य है और स्टार्टअप के किसी भी प्रमोटर या निदेशक पर किसी भी नियामक एजेंसी द्वारा किसी प्रकार का मामला भी दर्ज नहीं होना चाहिए.

इसके अलावा, फर्म नैशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल के तहत दिवालियापन और दिवालियापन संहिता के तहत संदर्भित नहीं होनी चाहिए और उसके खिलाफ कोई वाइंडिंग अप पेटीशन अथवा याचिका भी लंबित अथवा स्वीकृत नहीं होनी चाहिए.

इससे पहले, बीएसई ने अपने एसएमई (छोटे और मध्यम उद्यम) सेगमेंट में 9 जुलाई को स्टार्टअप प्लेटफार्म लॉन्च करने की घोषणा की थी, हालांकि बाद में उसने लॉन्च स्थगित कर दिया था, जिसे अब 28 नवम्बर, 2018 को लांच कर दिया गया है.

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज द्वारा जारी मूल सर्कुलर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।

 

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