जेद्दा में भारतीय खाद्य और कृषि उत्पाद क्रेता-विक्रेता सम्मेलन

जेद्दा स्थित भारतीय दूतावास, जेद्दा चैम्बर तथा भारतीय व्यापार संवर्धन परिषद (टीपीसीआई) के सहयोग से जेद्दा, सउदी अरब में एक खाद्य व कृषि उत्पाद विक्रेता-क्रेता सम्मेलन (बीएसएम) का आयोजन कर रहा है। इस सम्मेलन में चार प्रमुख उत्पादों- चावल, चाय, मसाले व सूखे मेवे के भारतीय निर्यातक सउदी अरब के प्रमुख आयातकों से मुलाकात करेंगे। चावल, चाय, मसाले व सूखे मेवे का निर्यात करने वाली 25 भारतीय कम्पनियां इस सम्मेलन में सउदी आयातकों के साथ बैठके करेगीं। इस सम्मेलन का उद्घाटन 11 नवंबर, 2018 को जेद्दा में भारत के महावाणिज्यदूत श्री मो. नूर रहमान शेख और जेद्दा चैम्बर के महासचिव श्री हसन इब्राहिम दहलन करेगे।

सउदी अरब में इन चार उत्पादों के निर्यात की असीम संभावनाएं है। सउदी अरब भारत के खाद्य एवं पेय का प्रमुख बाजार रहा है। यह सम्मेलन भारतीय कम्पनियों के लिए व्यापार की संभावनाओं को तलाश करने का एक आदर्श मंच साबित होगा। इस सम्मेलन के दौरान उपभोक्ताओं के रूझानों का पता चलेगा तथा संयुक्त उद्यम और परस्पर सहयोग स्थापित करने में भी सहायता मिलेगी।

भारत से चावल निर्यात में बासमती चावल की प्रमुख हिस्सेदारी रही है। भारत कुल बासमती चावल के 72 प्रतिशत का उत्पादन करता है। विश्व बाजार में बासमती चावल के निर्यात में भारत प्रमुख हिस्सेदार रहा है।

अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण भारत विश्व की सर्वोत्तम गुणवत्ता वाली चाय का उत्पादन करता है। भारत विश्व में चाय का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है तथा चौथा सबसे बड़ा निर्यातक है। विश्व चाय उत्पादन में भारत की हिस्सेदारी 23 प्रतिशत है जबकि कुल चाय निर्यात में देश की हिस्सेदारी 7.5 प्रतिशत है। भारत 60 से अधिक देशों को चाय का निर्यात करता है। ईरान, रूस, यूके, यूएसए और खाड़ी के देश भारतीय चाय के प्रमुख आयातक है।

जीसीसी देशों में भारतीय मसालों की अत्याधिक मांग है। सउदी अरब भारत से काली मिर्च, लाल मिर्च, हल्दी, अदरक और ईलायची का आयात करता है।

सउदी अरब भारत के सबसे प्रमुख व्यापार तथा एफडीआई सहयोगियों में एक है। 2017 में सउदी अरब को पांच बिलियन डॉलर के मूल्य का भारतीय निर्यात हुआ। सउदी अरब को निर्यात किए जाने वाले प्रमुख उत्पाद हैं- चावल, रसायन, प्रसंस्कृत पेट्रोलियम तेल, मोटर वाहन व इसके कलपुर्जे। 2017 में सउदी अरब से भारत को होने वाला आयात 21 बिलियन डॉलर था। इस प्रकार 16 बिलियन डॉलर का व्यापार घाटा है। पेट्रोलियम सउदी अरब से देश में आयात होने वाला प्रमुख उत्पाद है। सउदी अरब को होने वाले निर्यात में वृद्धि करके भारत व्यापार घाटे को कम करना चाहता है।

स्रोत: पीआईबी.

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