एमएसएमई क्षेत्र के लिए दिवाली धमाका

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों अर्थात एमएसएमई क्षेत्र के लिए विभिन्न घोषणाओं की लगभग झड़ी सी लगा दी. उनके द्वारा की गई प्रमुख घोषणाओं में 59 मिनट में 1 करोड़ तक के एमएसएमई ऋण, श्रम कानूनों में छूट, पर्यावरण नियमों को आसान बनाने के साथ साथ लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए कंपनी कानूनों में बदलाव तक की बातें कही गई हैं.

सरकार इन घोषणाओं को अमली जामा पहनाने लिए इसे मिशन मोड में चलाये जाने की मंशा रख रही है. इन कार्यक्रमों के पूर्ण संपादन हेतु केंद्र एवं राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी लगातार इन पर निगरानी रखेंगे. दिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम का देश भर में 100 से अधिक स्थानों तक सीधा प्रसारण भी किया गया जिससे अधिक से अधिक एमएसएमई हितधारकों तक इन योजनाओं की जानकारी पहुँच सके. सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों की सहायता के लिए इन कार्यक्रमों से सम्बंधित जागरूकता अभियान अगले सौ दिनों तक लगातार देश भर में चलाये जाएंगे, जिससे एमएसएमई क्षेत्र को नई ऊर्जा और प्रोत्साहन मिल सके. केंद्र एवं राज्य सरकार के विभिन्न मंत्रियों के साथ साथ केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली एवं सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरिराज सिंह भी इस अवसर पर उपस्थित रहे.

59 मिनट में 1 तक के एमएसएमई ऋण मंजूर किये जाने के लिए इस नए पोर्टल के बारे में प्रधानमंत्री ने बताया कि इसके माध्यम से कोई भी जीएसटी पंजीकृत एमएसएमई इकाई इन ऋणों के लिए आवेदन कर सकती है और उन्हें आसानी से प्राप्त भी कर सकती है. सितम्बर माह में एमएसएमई क्षेत्र के लिए शुरू किये गए इस पायलट प्रोजेक्ट में सैध्दांतिक रूप से 72,680 ऋण आवेदनों को मंजूरी प्रदान करते हुए कुल 236 बिलियन रुपयों के ऋणों को मंजूरी प्रदान की जा चुकी है. इस कार्यक्रम में जीएसटी पंजीकृत एमएसएमई इकाई को 1 करोड़ रूपये के ऋण के लिए 2% की सब्सिडी प्रदान की जाएगी, जबकि निर्यात संवर्द्धन हेतु पूर्व एवं बाद के शिपमेंटों पर ब्याज सब्सिडी 3% से बढ़ाकर 5% कर दी गई है.

इंस्पेक्टर राज के क्षेत्र से छुटकारा दिलाने के लिए, प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की कि इस क्षेत्र में कारखानों के निरीक्षण केवल कम्प्यूटरीकृत यादृच्छिक (रैंडम) आवंटन के माध्यम से स्वीकृत किए जाएंगे और निरीक्षकों को 48 घंटे के भीतर पोर्टल पर रिपोर्ट अपलोड करनी होगी. “कोई इंस्पेक्टर अब कहीं भी नहीं जा सकता है, उससे भी अब पूछा जाएगा कि वह फलाँ कारखाने में क्यों गया?”

पर्यावरणीय नियमों के अनुपालन में, एमएसएमई इकाई को मात्र प्रमाणन वायु एवं जल निकासी की आवश्यकता होगी और कारखाने की स्थापना के लिए केवल एक सहमति प्राप्त करनी होगी. एमएसएमई को आठ श्रम कानूनों और 10 केंद्रीय नियमों पर सिर्फ एक वार्षिक रिटर्न दाखिल करना होगा, उन्होंने कहा कि कंपनी अधिनियम के तहत मामूली अपराधों के लिए जुर्माना लगाने के लिए एक अध्यादेश जारी किया गया है.

प्रधानमंत्री मोदी ने 12 नए उपायों को “ऐतिहासिक” कहा जो इस क्षेत्र और इसके लाखों उद्यमियों और कर्मचारियों की दीपावली को उज्जवल बना देंगे. प्रौद्योगिकी उन्नयन के लिए 20 हब एवं 100 टूल रूम बनाने के लिए 6,000 करोड़ रुपये के बजट की भी उन्होंने घोषणा की. उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए फार्मा सेक्टर में एमएसएमई के क्लस्टर बनाए जायेंगे. 500 करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार वाली सभी कंपनियों को अब ट्रेड रिसीवबल ई-डिस्काउंटिंग सिस्टम (टीआरईडीएस) मंच पर आना होगा ताकि एमएसएमई के लिए नकद प्रवाह की कोई समस्या न हो.

केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरिराज सिंह ने इस अवसर पर आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि मौजूदा वक़्त में एमएसएमई क्षेत्र की 65 लाख इकाईयाँ 1 करोड़ 20 लाख से अधिक श्रमिकों को रोजगार प्रदान कर रही हैं. यह क्षेत्र कृषि के बाद सबसे अधिक रोजगार मुहैय्या कराने वाला क्षेत्र है. पब्लिक प्रोक्योरमेंट अथवा सरकारी खरीद के अंतर्गत एमएसएमई इकाईयों को लाभ प्रदान करने के लिए केंद्रीय सार्वजानिक उद्यम इकाईयों (सीपीएसई) की तयशुदा आवश्यक ख़रीद की सीमा को भी 20% से बढ़ाकर 25% कर दिया गया है. पीएसयू द्वारा खरीद का 3% महिलाओं द्वारा संचालित एमएसएमई इकाइयों से भी आवश्यक है. साथ ही, सभी केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों को विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों द्वारा आम उपयोग वस्तुओं और सेवाओं की ऑनलाइन खरीद की सुविधा के लिए सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) की सदस्यता भी आवश्यक कर दी गयी है.

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