नवोनमेषी सहयोग को बढ़ावा देने के लिए अटल नवोन्मेषण मिशन और एसआईआरआईयूएस ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये

भारत और रूस के छात्रों के बीच नवोनमेषी सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं रूस के राष्ट्रपति श्री व्लादिमीर पुतिन की उपस्थिति में 5 अक्टूबर 2018 को नई दिल्ली में अटल नवोन्मेषण मिशन (एआईएम) और एसआईआरआईयूएस के बीच समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया गया। एआईएम और एसआईआरआईयूएस एजुकेशन फाउंडेशन का प्रतिनिधित्व क्रमशः मिशन के निदेशक श्री आर रमनान और सुश्री एलेना शमेलेवा ने किया था।

इस समझौता ज्ञापन से उम्मीद है कि रूस और भारत के छात्रों के बीच सांस्कृतिक और भाषागत बाधाएँ दूर होगी, शैक्षिक, वैज्ञानिक, नवोनमेषी उपलब्धियों के प्रचार में सर्वोत्तम प्रचलनों को साझा किया जाएगा एवं नवोनमेषी सहयोग को बढ़ावा मिलेगा और दोनों देशों के प्रतिभाशाली युवाओं की खोज और उनका विकास किया जाएगा जिससे कि दोनों देशों में ज्ञान संचालित नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को प्रोत्साहन मिल सके।

श्री रमनान ने कहा, ”अटल नवोन्मेषण मिशन लगातार पूरे देश में नवोन्मेषण मिशन के आनन्द को प्रसारित करने के अपने प्रयासों में जुटा हुआ है। एसआईआरआईयूएस एजुकेशन फाउंडेशन सही दिशा में एक कदम है। अतर्राष्ट्रीय गठबंधन हमारे छात्रों के मस्तिष्क को विस्तारित करेगा, उनकी उत्सुकताओं का समाधान करेगा, और उनकी बुद्धिमत्ता बढाएगा।

एआईएम- एसआईआरआईयूएस नवोन्मेषण पर्व 2018 के बारे में

सहयोगी नवोन्मेषण की भावना को बढ़ावा देने के लिए, अटल टिंकरिंग लैब्स और एसआईआरआईयूएस एजुकेशनल फाउंडेशन के युवा नवोन्मेषक 1 अक्टूबर से 4 अक्टूबर तक चार दिवसीय भारत-रूसी एटीएल नवाचार बूट-कैम्प में एकत्र हुए। बूट-कैंप का आयोजन डिजाइन विभाग, आईआईटी दिल्ली के सहयोग से अटल टिंकरिंग लैब्स, अटल नवोन्मेषण मिशन द्वारा किया गया था। अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य देखभाल, स्मार्ट मोबिलिटी, स्वच्छ ऊर्जा और कृषि प्रौद्योगिकी में विकसित नवाचारों को 5 अक्टूबर को भारत के प्रधान मंत्री और रूस के राष्ट्रपति के समक्ष प्रर्दशित किया गया था।

अटल नवोन्मेषण मिशन 

अटल नवोन्मेषण मिशन (एआईएम) भारत में नवाचार और उद्यमिता की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए नीति आयोग की प्रमुख पहल है। स्कूल, विश्वविद्यालय और उद्योग के स्तर पर विभिन्न पहलों के माध्यम से समग्र रूप से नवाचार और उद्यमिता के पारिस्थितिक तंत्र को बनाने और बढ़ावा देने के लिए एआईएम की स्थापना की गई है। एआईएम विश्व स्तर के नवोन्मेषण हब, ग्रैंड चैलेंज, स्टार्ट-अप व्यवसाय और भारत में अन्य स्व-रोज़गार गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए एक मंच के रूप में भी कार्य करता है, जो अत्याधुनिक, उन्नत और किफायती उभरती प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाता है।

इस प्रकार अटल नवोन्मेषण मिशन के दो मुख्य कार्य हैं:

1. नवोन्मेषण संवर्धन: एक मंच प्रदान करना जहां नवोन्मेषी विचार उत्पन्न होते हैं।

2. उद्यमशिलता संवर्धन: जिसमें इनक्यूबेशन केंद्रों में सफल उद्यमी बनने के लिए नवोन्मेषकों का समर्थन और मार्गदर्शन किया जाएगा।

एसआईआरआईयूएस एजुकेशनल फाउंडेशन के बारे में

फंड “प्रतिभा और सफलता” एक एकात्मक, गैर-लाभकारी, गैर-मानक शैक्षणिक संगठन है। फाउंडेशन की गतिविधियों का उद्देश्य उन बच्चों और युवा लोगों की पहचान करना और समर्थन करना है जिन्होंने असाधारण क्षमताएँ प्रर्दशित की हैं। कला, प्राकृतिक विज्ञान, भौतिक संस्कृति और खेल के क्षेत्र में शिक्षा सहित, इस तरह के व्यक्तित्वों के लिए सामान्य और अतिरिक्त शिक्षा प्राप्त करने में सहायता प्रदान करना।

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