आईआईटी, मुंबई ने मनाया अपना 56वां दीक्षांत समारोह

आईआईटी, मुंबई के 56वे वार्षिक दीक्षांत समारोह का शुभारम्भ प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने किया. इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न श्रेणियों में आईआईटी-बी के तीन शीर्ष प्रतिष्ठित छात्रों को गोल्ड मैडल और 43 अन्य को रजत पदक प्रदान किये.

उद्दघाटन समारोह को संबोधित करते प्रधानमंत्री ने कहा नवाचार, भारत के विकास के लिए उद्यम कुंजी है. उन्होंने कहा कि आज मैं अपने सामने, आप के भीतर, आपके चेहरे पर जो उत्साह देख रहा हूं, जो आत्मविश्वास देख रहा हूँ, वो आश्वस्त करने वाला है कि हम सही रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं.

आईआईटी – मुंबई स्वतंत्र भारत के उन संस्थानों में है जिनकी परिकल्पना टेक्नॉलॉजी के माध्यम से राष्ट्रनिर्माण को नई दिशा देने के लिए की गई थी. बीते 60 वर्षों से आप निरंतर अपने इस मिशन में जुटे हैं. 100 छात्रों से शुरु हुआ सफर आज 10 हज़ार तक पहुंच चुका है.

इस दौरान आपने खुद को दुनिया के टॉप संस्थानों में स्थापित भी किया है. यह संस्थान अपनी हीरक जयन्ती मना रहा है. पर उससे अधिक महतवपूर्ण हैं वे सभी हीरे, जो यहाँ मेरे सामने बठे हैं, जिन्हें आज दीक्षा प्राप्त हो रही हैं, और जो यहाँ से दीक्षा पाकर, पूरी दुनिया में भारत का नाम रोशन करेंगे. आज इस अवसर पर सबसे पहले मैं डिग्री पाने वाले देश-विदेश के विद्यार्थियों को, और उनके परिवारों को हृदयपूर्वक बधाई देता हूं, उनका अभिनंदन करता हूं.

आज यहां डॉक्टर रोमेश वाधवानी जी को डॉक्टर ऑफ साइंस की उपाधि भी दी गई है. डॉक्टर वाधवानी को भी मेरी तरफ से बहुत-बहुत बधाई. वाधवानी जी ने टेक्नॉलॉजी को जन सामान्य की आवश्यकताओं से जोड़ने के लिए उम्र भर काम किया है. वाधवानी फाउंडेशन के जरिए इन्होंने देश में युवाओं के लिए रोज़गार निर्माण, स्किल, इनोवेशन एवं उद्यमिता का माहौल तैयार करने का बीड़ा उठाया है. एक संस्थान के बतौर ये आप सभी के लिए भी गर्व का विषय है कि यहां से निकले वाधवानी जी जैसे अनेक छात्र-छात्राएं आज देश के विकास में सक्रिय योगदान दे रहे हैं.

 

बीते 6 दशकों की निरंतर कोशिशों का ही परिणाम है कि आईआईटी – मुंबई देश के चुनिंदा प्रतिष्ठित संस्थानों इंस्टीटयूट ऑफ़ एमिनेन्स में अपनी जगह बनाई है. और अभी आपको बताया गया कि आपको अब एक हज़ार करोड़ रुपए की आर्थिक मदद मिलने वाली है जो आने वाले समय में यहां इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में काम आने वाला है. इसके लिए भी मैं आपको और पूरी इस टीम को बहुत-बहुत बधाई.

बाद में, प्रधानमंत्री ने आईआईटी-बी में डिपार्टमेंट ऑफ़ एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग एवं सेंटर फॉर एनवायरनमेंटल साइंस एंड इंजीनियरिंग के नए भवनों का भी शुभारम्भ किया.

प्रोफेसर मार्गरेट गार्डनर, अध्यक्ष और कुलपति, मोनाश विश्वविद्यालय, ऑस्ट्रेलिया, बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सदस्य और भारत और विदेशों के कई अन्य प्रतिष्ठित अतिथि एवं दीक्षा प्राप्त कर रहे स्नातक छात्र और उनके गौरान्वित माता-पिता ने भी कनवोकेशन में भाग लिया.

Source: PIB.

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