जेम सरकारी खरीद में पारदर्शिता सुनिश्चित कर रहा है

सरकारी ई-मार्केटप्‍लेस (जेम) सार्वजनिक खरीद में पारदर्शिता, कार्यकुशलता और गति संवर्धन के लिए प्रौद्योगिकी को आसान बनाते हुए अपने 2 वर्ष पूरे कर लिए हैं।

सरकारी खरीद में पारदर्शिता बढ़ाने की पहल के रूप में सरकार ने सरकारी संगठनों द्वारा सामान्‍य उपयोग की वस्‍तुओं और सेवाओं की खरीद के लिए ऑनलाइन प्‍लेटफॉर्म उपलब्‍ध कराने हेतु कंपनी अधिनियम 2013 के तहत पंजीकृत शत-प्रतिशत सरकारी स्‍वामित्‍व वाली एक सरकारी ई-मार्केटप्‍लेस की स्‍थापना की है। सरकारी प्रयोक्‍ताओं के लिए ऑनलाइन प्‍लेटफॉर्म हेतु सरकारी ई-मार्केटप्‍लेस का शुभारंभ 9 अगस्‍त, 2016 को किया गया था।

यह सरकारी प्रोक्‍ताओं को ई-बोली, रिवर्स ई-नीलामी और मांग एकत्रीकरण की सुविधा प्रदान करता है, ताकि वे अपने धन का सर्वोत्‍तम मूल्‍य प्राप्‍त कर सकें।

सभी राज्‍य सरकारें सरकारी ई-मार्केटप्‍लेस द्वारा प्रदान कराई गई सेवाओं का उपयोग कर रही हैं। इसके अतिरिक्‍त 22 राज्‍यों यथा गुजरात, झारखंड, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, असम, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, तमिलनाडु, त्रिपुरा, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, नगालैंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा, महाराष्ट्र, मेघालय और पश्चिम बंगाल ने अपने राज्य में ‘जेम’ के माध्‍यम से खरीद को अनिवार्य करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।

Source: PIB.

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