छोटे व्यापारियों और संगठित रिटेल के हितों में संतुलन स्थापित करने की जरूरत, प्रभु

केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग और नागरिक उड्डयन मंत्री श्री सुरेश प्रभु ने कहा है कि केन्द्र सरकार देश में व्यापार के संतुलित विकास के लिए एक रिटेल (खुदरा) नीति तैयार करने पर विचार कर रही है। इस कार्यक्रम का आयोजन कन्फेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स ने नई दिल्ली में किया था.

नई दिल्ली में आयोजित इस राष्ट्रीय व्यापारी महाधिवेशन को संबोधित करते हुए श्री सुरेश प्रभु ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि सरकार रिटेल क्षेत्र में एफडीआई की अनुमति देते समय छोटे रिटेल व्यापारियों के हितों का संरक्षण करेगी।

श्री सुरेश प्रभु ने यह भी कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार अगले आठ वर्षों में दोगुना हो जाएगा और वर्ष 2035 तक 10 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े को छू लेगा। वाणिज्य मंत्री ने कहा कि यदि अर्थव्यवस्था का आकार बढ़ेगा, तो व्यापार-व्यवसाय लाभान्वित होगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि दर बढ़ती है तो इसका मतलब ज्यादा व्यापार, अधिक रोजगार अवसर, अधिक आय एवं व्यय होगा जिसका समूचे व्यापार-व्यवसाय पर व्यापक सकारात्मक असर होगा।

श्री सुरेश प्रभु ने यह बात दोहराई कि सरकार इस बात के लिए प्रतिबद्ध है कि देश में प्रत्येक जिला तीन प्रतिशत वार्षिक की दर से विकसित हो और वह देश के समग्र विकास में योगदान करे। उन्होंने यह भी कहा कि इसके लिए 5 राज्यों के 6 जिलों की पहचान की गई है। एक ‘आंतरिक व्यापार बोर्ड’ स्थापित करने संबंधी व्यापारियों के सुझाव को ध्यान में रखते हुए श्री सुरेश प्रभु ने प्रतिनिधियों को यह आश्वासन दिया कि वह संबंधित मंत्रालय के समक्ष इस सुझाव को पेश करेंगे।

Source: PIB.

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