रोजगार उत्पादन में एमएसएमई मंत्रालय का योगदान

रोजगार आज के समय का एक ज्वलंत मुद्दा है, इस विषय में अभी हाल ही में प्रधानमंत्री ने भी माना है कि हमने रोजगार तो उपलब्ध कराये हैं, लेकिन आंकड़ों के प्रबंधन के मामले में हम असफल रहे हैं. एसएमई समाधान के माध्यम से हम विभिन्न मंत्रालयों द्वारा इस सन्दर्भ में किये गए कार्य के आधार पर रोजगार उत्पादन की दिशा में किये गए प्रयासों की समीक्षा करने का प्रयास कर रहे हैं. इस सप्ताह हम आपके समक्ष एमएसएमई मंत्रालय द्वारा इस दिशा में किये गए प्रयासों की समीक्षा करने की कोशिश कर रहे हैं. ये सभी आंकड़ें मंत्रालय की वेबसाइट्स पर उपलब्ध विभिन्न दस्तावेजों से लिए गए हैं. केन्द्रीय एमएसएमई मंत्रालय द्वारा किये गए विभिन्न प्रयासों, योजनाओं, कार्यक्रमों, संस्थानों एवं सम्बद्ध संस्थानों के माध्यम से देश में 2014 से 18 के दौरान कुल कितने रोजगार पैदा हुए इसी पर एक संक्षिप्त किन्तु सुगठित चर्चा आज हम यहाँ कर रहे हैं.

2014-18 के बीच एमएसएमई मंत्रालय की उपलब्धियों को यदि देखा जाय तो इन्हें रोजगार उत्पादन, आईटी अथवा सूचना तकनीकि पहलों, नई पहलों, वित्त पोषण की उपलब्धता, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण तथा संलग्न संगठनों के प्रदर्शन के रूप में बाँट कर देखा जाना चाहिए. यहाँ हम एमएसएमई मंत्रालय की विभिन्न पहलों के माध्यम से कितना रोजगार पैदा हुआ है सिर्फ उसी की बात कर रहे हैं, अन्य विषयों अथवा पहलों की चर्चा हम अलग से आने वाले दिनों में करते रहेंगे.

जहाँ तक देश में रोजगार मुहैय्या कराने की बात है तो एमएसएमई इकाईयां कृषि क्षेत्र के बाद सबसे अधिक रोजगार पैदा करने वाला क्षेत्र है, बड़े उद्यमों की अपेक्षा एमएसएमई इकाईयां कम कीमत पर अधिक रोजगार आज भी देश को मुहैय्या करा रही हैं और भविष्य में भी ऐसा ही प्रदर्शन करने वाली हैं. एमएसएमई मंत्रालय द्वारा जारी किये गए आंकड़ों की मानें तो 2014-18 के बीच इस क्षेत्र ने 11.10 करोड़ रोजगार पैदा किये हैं. देश के तिहत्तरवें नेशनल सैंपल सर्वे 2015-16 के अनुसार एमएसएमई क्षेत्र में कुल 63,388 लाख इकाईयां विद्यमान हैं.

इस दौरान मंत्रालय ने रोजगार उत्पादन के क्षेत्र में किस प्रकार का प्रदर्शन किया यह भी देखना महत्वपूर्ण है. खादी ग्रामोद्योग क्षेत्र में इस दौरान लगभग 1,37,79,000 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया, जबकि प्रधानमंत्री रोजगार उत्पादन योजना पीएमईजीपी कार्यक्रम के अंतर्गत इस दौरान 1,93,818 इकाईयां स्थापित की गईं जिनसे 14.75 लाख लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ.

सीजीटीएमएसई योजना अर्थात क्रेडिट गारंटी फण्ड ट्रस्ट फॉर माइक्रो एन्ड स्मॉल एंटरप्राईजेज कार्यक्रम द्वारा लगभग 51,11,026 लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ. एमएसएमई मंत्रालय द्वारा स्थापित एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटरस ने कुल 6,42,272 लोगों को प्रशिक्षित किया गया जिनमें से 91,634 लोगों को नौकरियों से भी जोड़ा गया. असिस्टेंस टू ट्रेनिंग इंस्टीटयूटस – एटीआई के माध्यम से 2,07,235 लोगों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया जिनमें से 43,761 लोगों को वेतन के साथ रोजगार उपलब्ध हुए और 21,783 लोगों को स्वरोजगार की प्राप्ति हुई.

इस सप्ताह एसएमई समाधान में इतना ही अगले सप्ताह हम अन्य मंत्रालयों अथवा इसी मंत्रालय द्वारा की गई और भी पहलों के साथ अपने पाठकों से रूबरू होंगे, तब तक पढ़ते रहिये एसएमई समाधान, हर रोज क्योंकि यहाँ हम लेकर आते हैं आपके लिए ख़बरें और सूचनाएँ एसएमई, स्टार्टअप्स, उद्यमिता, रोजगार, कौशल विकास इत्यादि क्षेत्रों से जो कि होती हैं आपके लिए महत्वपूर्ण.

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