उद्यमी बिहार, समृद्ध बिहार के नारे के साथ आगे बढ़ता बिहार उद्यमी संघ

इस सप्ताह एसएमई समाधान में पढ़िए बिहार उद्यमी संघ के महासचिव अभिषेक सिंह से संवाद के प्रमुख अंश, उद्यमी बिहार, समृद्ध बिहार के नारे के साथ आगे बढ़ता बिहार उद्यमी संघ, जो कि बिहार के उद्यमिता जगत के रूपांतरण हेतु प्रतिबद्ध है.

उद्यमी बिहार, समृद्ध बिहार के नारे के साथ बिहार उद्यमी संघ, बिहार राज्य में उद्यमिता विकास की नई इबारत लिख रहा है.  2011 में उद्यमिता विकास के उद्देश्य से स्थापित बिहार उद्यमी संघ इस दिशा में लगातार प्रयासरत है. बिहार उद्यमी संघ भविष्य के उद्यमिओं को एक एकीकृत एवं उत्कृष्ट मंच प्रदान करता है, जहां एक संभावित उद्यमी, एकल खिड़की माध्यम से सलाहकार सेवाएं प्राप्त करते हुए आगे बढ़ सकता है. पिछले दिनों नीति आयोग ने बिहार उद्यमी संघ को अटल इंक्यूबेशन परियोजना में भी शामिल किया है और इन्हें उद्यमिता विकास के लिए अटल इंक्यूबेशन सेंटर स्थापित करने की मंजूरी दी है.

अभिषेक सिंह , महासचिव , बिहार उद्यमी संघ

इस संदर्भ में एसएमई समाधान से बात करते हुए  बिहार उद्यमी संघ के महासचिव अभिषेक सिंह ने बताया कि, “हम नीति आयोग द्वारा प्रदान किये गए इस अवसर से रोमांचित हैं और बिहार के हर गांव, ब्लॉक और जिले में इस इंक्यूबेशन परियोजना के माध्यम से उद्यमिता का विस्तार करना करेंगे. एम अर्थात अटल इनोवेशन मिशन के तहत भारत सरकार देश भर में अटल इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता भी प्रदान कर रही है. इस केंद्र के माध्यम से बिहार उद्यमी संघ स्टार्टअप्स को समर्थन एवं प्रोत्साहन प्रदान करेगा. अपने विकास के शुरुआती चरण में इन स्टार्टअप्स को बिहार उद्यमी संघ उच्च गुणवत्ता वाली सहायता एवं सेवा प्रदान करते हुए पर्याप्त आधारभूत संरचना प्रदान करेगा.”

अटल इनक्यूबेशन सेंटर की स्थापना विशिष्ट क्षेत्रों जैसे विनिर्माण, परिवहन, ऊर्जा, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, जल और स्वच्छता के क्षेत्र में कार्य करने के लिए की गई है. इस परियोजना के तहत बिहार उद्यमी संघ को 10 करोड़ रुपयों का अनुदान प्रदान किया जाएगा, जिसका उपयोग तकनीकि ज्ञान, उपयुक्त भौतिक आधारभूत संरचना और पूंजीगत उपकरणों से सुसज्जित अटल इनक्यूबेशन सेंटर की स्थापना हेतु किया जाएगा. यह परियोजना सिर्फ बिहार ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण भारतवर्ष में स्टार्टअप्स को हैण्डहोल्डिंग प्रदान करते हुए टिकाऊ व्यावसायिक मॉडल खड़ा करने के लिए स्थापित की गई है.

अभिषेक सिंह, आगे बताते हैं, कि “नीति आयोग द्वारा दिए गए इस अनुदान के अतिरिक्त बिहार उद्यमी संघ भी अपनी ओर से 10 करोड़ रूपये इस परियोजना में निवेश करेगा और पटना में 10,000 वर्ग फीट क्षेत्र में इनक्यूबेशन सेंटर की स्थापना करेगा. अटल इनक्यूबेशन मिशन के प्रथम चरण हेतु नीति आयोग को कुल 2600 आवेदन प्राप्त हुए थे जिनमें से 40 को मंजूरी प्राप्त हुई है. बिहार उद्यमी संघ के मुताबिक नीति आयोग द्वारा बिहार राज्य में पहली किसी ऐसी परियोजना को मंजूरी प्रदान की गई जिससे अभिनव व्यावसायिक विचारों को प्रोत्साहन प्राप्त होगा. बिहार उद्यमी संघ के सदस्यों का ऐसा मानना है कि इस परियोजना के माध्यम से बिहार और पूर्वी क्षेत्र में स्टार्टअप पारिस्थितिक तंत्र अथवा इकोसिस्टम को सहयोग प्राप्त होगा और साथ ही साथ उद्यमिता संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा.”

नीति आयोग द्वारा अटल इनक्यूबेशन मिशन के तहत स्थापित इन अटल इनक्यूबेशन केन्द्रों को अगले पांच साल तक प्रति वर्ष 2 करोड़ रुपयों का अनुदान जमीनी स्तर पर अभिनव व्यावसायिक विचारों को स्केलेबल बनाने और उन्हें टिकाऊ उद्यमों में परिवर्तित करने के लिए दिया जाएगा. इस इनक्यूबेशन सेंटर की स्थापना के साथ ही बिहार उद्यमी संघ स्टार्टअप्स को आवश्यक मेंटरिंग, तकनीकि सहयोग, निवेश एवं नेटवर्क प्रदान करेगा.

अभिषेक सिंह बताते हैं, “बिहार सरकार एवं क्षेत्र के उद्यमिता निकायों द्वारा दिए गए हालिया प्रोत्साहन के बावजूद अभिनव व्यावसायिक मॉडल्स को टिकाऊ व्यवसायों में रूपांतरित करने में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. प्रासंगिक डेटा की कमी, उद्यम विशेषज्ञों एवं निवेशकों की कमी तथा आपूर्तिकर्ताओं एवं ग्राहकों तक पहुँच बनाने से सम्बंधित चुनौतियों का सामना अभी भी यहाँ का नवउद्यमिता जगत कर रहा है.”

हालांकि, विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि बिहार में स्टार्ट-अप पारिस्थितिक तंत्र अभी भी नवजात चरण में है. इनक्यूबेटरों को नवउद्यमिता के विकास के लिए इन्हें दिल से समर्थन प्रदान करना होगा और नव निर्मित स्टार्टअप्स को प्रदान की जाने वाली पारस्परिक सेवाएं राज्य में व्यवसायों के सतत एवं सुनिश्चित भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हैं. इसके अतिरिक्त, उद्यमिता की शुरुआती असफलताओं को चिन्हित करते हुए, व्यावसायिक विचारों का पुनर्मूल्यांकन, बाजार अनुसन्धान एवं स्थायित्व की पुनरावृत्ति पर ध्यान देना होगा. जिससे बढ़ती प्रतिस्पर्धा के वातावरण और ग्राहकों की तेजी से बदलती आवश्यकताओं के साथ प्रतिस्पर्द्धा की जा सके और इन स्टार्टअप्स को उच्चतम संभव परिमाण प्रदान किये जा सकें.

अभिषेक सिंह कहते हैं, “जिस बिहार राज्य को उद्यमी मानसिकता के लिए कम ही जाना जाता रहा है, उसी बिहार राज्य में बिहार उद्यमी संघ 2013 से ही ग्राम एवं ब्लॉक स्तर तक स्टार्टअप यात्रा निकाल रहा है. ये स्टार्टअप यात्रायें अंतर्राष्ट्रीय स्तर की रही हैं जिनमें अमेरिका, चीन, ताइवान, इज़राइल एवं सार्क देशों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया है. बिहार उद्यमी संघ एंटरप्राइजिंग बिहार के रूप में बिहार की ब्रांडिंग कर रहा है और 2013 से लगातार अपने केन्द्रों के माध्यम से स्टार्टअप उद्यमिओं को निशुल्क परामर्श सेवा प्रदान कर रहा है. इन केन्द्रों के माध्यम से कोई भी उद्यमी अथवा संभावित उद्यमी चार्टर्ड एकाउंटेंट्स, कानूनी सलाहकारों एवं अन्य विशषज्ञों से मुफ्त सलाह प्राप्त कर सकता है. जमीनी स्तर पर किये गए इस काम का ही असर है कि बिहार उद्यमी संघ की सदस्य संख्या 18000 से अधिक हो चुकी है. यह एक चुनौतीपूर्ण कार्य रहा है, लोगों की मानसिकता बदलना और उनमें नीतिगत समझ पैदा करना इतना आसान नहीं रहा, फिर भी हमने यह कर दिखाया है और आगे भी हमारे प्रयास इसी शिद्दत से जारी रहेंगे.”

कैसी लगी आपको उद्यमिता से जुड़ी हमारी यह कहानी, हमें जरूर लिखें. और क्या पढ़ना चाहते हैं आप उद्यमिता के इस मंच हमें अवश्य लिखें. संपर्क सूत्र editor@SMEsamadhan.com  …

 

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