दिव्या सुर्यदेवारा बनीं जनरल मोटर्स की पहली महिला सीएफओ

भारतीय मूल की दिव्या सुर्यदेवारा, जनरल मोटर्स की सीएफओ होंगी, दुनिया भर के ऑटो सेक्टर में इस पद पर पहुंचने वाली वह पहली महिला हैं. इस खबर से भारतीय महिला उद्यम एवं पेशेवर जगत और अन्य में भी एक उत्साह है. लेकिन उनकी यह सफलता कोई रातो रात हाँथ लग गई सफलता नहीं है, इसके लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की है, समय का सदुपयोग किया जीवन के कमजोर क्षणों में भी मजबूती से खड़ी रहीं, तब जा आके आज वो, वो हैं, जो उन्हें होना चाहिए.

दिव्या सुर्यदेवारा के पिता बचपन में ही गुजर गए. उनकी यह कहानी एक नहीं बल्कि दो औरतों के संघर्ष की कहानी है. एक माँ जिसने पति के गुजर जाने के बाद तीन बच्चों को पाला पोसा काबिल बनाया. और इन सब में साथ दिव्या और उसके सपने. उनका बचपन चेन्नई में गुजरा, उनकी माँ ने नकारात्मक परिस्थितियों में भी बच्चों की शिक्षा से कोई समझौता और बड़े ख्वाब देखने और उनको पूरा करने के लिए मेहनत करने को प्रेरित करती रहीं.

   चेन्नई से कॉमर्स में स्नातक करने के बाद वे 22 साल की उम्र में वो हार्वर्ड से एमबीए करने पहुँच गईं. यह सब कुछ हो रहा था लेकिन इतना आसान भी न था, खुद लिए गए स्टूडेंट्स लोन पर यह सब कुछ हो रहा था. कोर्स कम्पलीट करते ही नौकरी, पहले यूबीएस में कुछ एक साल से अधिक काम किया और 25 वर्ष की उम्र में उन्होंने जनरल मोटर्स  को ज्वाइन किया.

उनका परिवार न्यूयॉर्क में रहता था, जबकि उनकी जॉब डेट्रॉइट में थी, वे वीकेंड्स में ही घर आ पाती, एक छोटी बच्ची भी. आने जाने में बहुत समय गुजर जाता था, इस दौरान भी दिव्या काम करती जिससे घर पहुँच कर परिवार को समय दे सकें. सारे ईमेल इत्यादि के जवाब दिव्या न्यूयॉर्क से डेट्रॉइट की यात्रा के दौरान देती. उनकी मेहनत आखिर रंग लायी और वे 37 साल की उम्र में वे जनरल मोटर्स की पहली महिला सीएफओ बनने जा रही हैं.

क्यूजेड डॉट कॉम से   

 

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