वैगन कैब कार रेंटल्स का ड्रैगन बनने की राह पर

SMEसमाधान में आज पढ़िए वैगन द ड्रैगन की कहानी, 2017 में वैगन कैब ने कार रेंटल उद्योग में एंट्री की और आज एक अच्छे खासे मार्किट शेयर पर उसका कब्जा है.

अर्पण अग्रवाल

वैगनकैब की स्थापना अर्पण अग्रवाल तथा उत्तम बोस ने मिलकर 2017 में की. अपनी स्थापना के बाद से ही वैगन कैब तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है और अपनी उत्कृष्ट विपणन नीतियों की बदौलत तेजी से अपने बाजार को बढ़ा रहा है. टीम वैगनकैब अपनी संचालन प्रक्रिया को पारदर्शी एवं अपने ग्राहकों के अनुकूल बनाते हुए सफलता की ओर लगातार अग्रसर है. ग्राहकों का वैगनकैब के प्रति भरोसा ही उसकी नींव को सुदृढ़ करते हुए उसके भविष्य का निर्माण कर रही है.

कार रेंटल उद्योग के बारे में बात करते हुए अर्पण अग्रवाल बताते हैं, “भारत में कार रेंटल सर्विसेज की शुरुआत टैक्सी स्टैंड पर फ़ोन करके कार मंगवाने से हुई, समय के साथ इस व्यवस्था में तेजी से परिवर्तन आया और तकनीकि ने इसे सुविधाजनक बनाया, स्टार्टअप्स ने इसमें प्रवेश किया और छा गए. ऊबर, ओला सभी ने एक स्टार्टअप से ही अपनी शुरुआत की है. और अब वैगन कैब भी एक स्टार्टअप के रूप में इस क्षेत्र में अपने पाँव जमा रहा है.  हमारा लक्ष्य ग्राहकों को प्रतिस्पर्धी किराया एवं सेवाएं उपलब्ध कराना साथ ही साथ ड्राइवरों को स्वरोजगार के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना हम भारतीय कैब उद्योग का एक ऐसा मंच बनना चाहते हैं जहाँ राइडर कम भुगतान करे और चालक इस उद्योग को स्थिरता प्रदान करने के लिए अधिक कमाए.”

उत्तम बोस

अपनी स्ट्रेटेजी के सन्दर्भ में बात करते हुए उत्तम बोस कहते हैं, “हमारा फोकस कैब इंडस्ट्री के लम्बे घंटों में है, हम छोटे रेंटल्स को अवॉयड करते हुए लॉन्ग रेंटल्स में बिलीव करते हैं. इन लॉन्ग रेंटल्स का एक फायदा यह कि ग्राहक हमारे साथ अधिक समय गुजारता है और जब सुविधाएं अनुकूल एवं बाजार में सर्वाधिक प्रतिस्पर्धी रेंटल्स पर हों तो वे दोबारा भी वैगन कैब को ही चुनते हैं. हम पैन इंडिया, इंटर स्टेट कॉर्पोरेट एवं टूरिज्म रेंटल्स को वरीयता प्रदान करते हैं. हम प्रति घंटा रेंटल्स के हिसाब से ही काम करते हैं, यह ग्राहकों के लिए भी सस्ता है. हम यहाँ हर प्रकार के पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लम्बे रेंटल्स विशेषकर टूरिज्म पैकेजेस को सुविधाजनक, सस्ते और सुरक्षित बनाना  हैं.”

अब तक SMEसमाधान से इन युवाओं की बातचीत थोड़ी औपचारिक हो चली थी और आगे हमने प्रश्न कम किये लेकिन कहानी के रूप में अर्पण और उत्तम वैगन कैब की दास्ताँ कह गए, जिसे जहाँ मौका मिला वो कहता चला गया और एक स्टार्टअप का जोश, होश और खरोश सब सामने आता गया.

अर्पण अग्रवाल ने दिल्ली से ही अपनी शिक्षा दीक्षा की, दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने आईआईपीएम से एमबीए किया और कॉर्पोरेट वर्ल्ड से जुड़ गए, 6 साल नौकरी करने के बाद खुद का स्टार्टअप वैगन कैब खड़ा किया और जुटे हैं उसे आगे बढ़ाने में. उत्तम बोस ग्वालिअर में पढ़े बढ़े और वहीं से ग्रेजुएशन किया बाद में वो भी आईआईपीएम आ गए और यहीं दोनों की मुलाकात हुई, उत्तम भी एमबीए ख़त्म होने के बाद कॉर्पोरेट वर्ल्ड से जुड़ गए, 11 साल नौकरी करने के बाद , 2016 वैगन कैब के आईडिया पर काम शुरू हुआ और 2017 में यह लांच हो गया.

वैगन कैब का आईडिया हमारे दिमाग में उन यात्राओं के दौरान ही आया जिनसे हम संतुष्ट नहीं थे, हमने अक्सर महसूस किया कि हम जब काम से, दूसरे शहरों में घूम रहे हैं, टूरिज्म पे हैं या फिर अन्य किसी काम से बाहर यात्रायें कर रहे होते थे तब अक्सर यह महसूस करते थे कि यह यात्रायें हमें मंहगी हैं, कई बार टैक्सी की हालत नहीं अच्छी होती थी तो कभी ड्राईवरों से कहीं 5 मिनट रुकने के लिए भी हील हुज्जत. इन्हीं समस्याओं के समाधान हेतु वैगन कैब का आईडिया मन में आया और सब कुछ आज लोगों के सामने है.

हमने प्रति किलोमीटर पर स्थिर किराये को व्यवहार्य बनाने का प्रयास किया, जिससे किसी प्रकार की गलत फहमी न रहे, यात्रा शुरू होने से पहले ही आपको मालुम रहे कि यह यात्रा आपको कितने की पड़ने वाली है. बढ़ते टूरिज्म को देखते हुए भी कार रेंटल्स अधिक सुविधाजनक विकल्प हैं, इसमें बार बार टैक्सी बुक करने का झंझट नहीं रहता है और अधिक देर साथ रहने की वजह से ड्राईवर भी यात्रियों के साथ सहज महसूस करने लगते हैं और टूरिस्टस की हर संभव मदद के लिए तत्पर रहते हैं.

वैगन कैब की आउटस्टेशन सेवाएं बाजार में उपलब्ध हैं और इनके साथ ग्राहक स्थिर किराये पर अपनी यात्रा कर सकता है. हमारी सेवाओं में ग्राहक को प्रति किलोमीटर की दर से किराया देना होता है, टोल और टैक्स इस किराये पर अतिरिक्त देय होता है, लेकिन कोई वेटिंग चार्ज, सरचार्ज अथवा कैंसिलेशन चार्ज नहीं होता है. वैगन कैब की वन वे सेवा काफी लोकप्रिय है और देश भर की लगभग 1000 लोकेशंस पर वन वे रूट सेवाएं प्रदान करते हैं.

दिल्ली एनसीआर में 1000 कैब्स के साथ हमने अपनी सेवाएं शुरू की थीं, आज हमारे साथ 25000 कैब्स जुड़ी हुई हैं और हम देश के 22 शहरों में अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं, कई और शहरों में भी हम जल्द ही अपनी उपस्थिति दर्ज करने वाले हैं. हम अपने सब्सक्रिप्शन मॉडल के द्वारा ड्राईवरों को और फायदा पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं, मात्र 100 रूपये में उन्हें हर कैब पर सारा दिन लीड्स दे रहे हैं, यह इन ड्राईवरों के लिए फायदे का सौदा है.

हमने दो बरस पहले वैगन कैब पर काम करना शुरू किया और अप्रैल 2017 में कंपनी का पंजीयन कराया. हमरा विज़न बहुल किराये वाले इस उद्योग को एकल किराये एवं परेशानी मुक्त यात्रा में बदलने का है. अक्टूबर 2017 में मार्किट रिसर्च के उपरांत हमने वैगन कैब की सेवाओं को लांच किया और कार रेंटल बाजार का हिस्सा बन गए. वैगन कैब एक एग्रीगेटर है जो अपने ग्राहकों को स्थिर किराये का एक मॉडल प्रदान करता है, जबकि ड्राईवरों को यह दैनिक आधार पर सब्क्रिप्शन प्रदान करता है. यात्री और वाहक दोनों पक्षों के लिए मूल्य निर्धारण का यह मॉडल लागू करके वैगन कैब बाजार में अपनी हिस्सेदारी प्राप्त करने में सफल रहा है. नगरी नगरी द्वारे द्वारे हमारी सेवाएं बढ़ रही हैं और हम यात्रिओं को बेहतर सेवा एवं सुविधा तथा ड्राईवरों को अधिक आय प्रदान कर रहे हैं.

कैसी लगी आपको उद्यमिता से जुड़ी हमारी यह कहानी, हमें जरूर लिखें. और क्या पढ़ना चाहते हैं आप उद्यमिता के इस मंच हमें अवश्य लिखें. संपर्क सूत्र editor@SMEsamadhan.com  …

About SMEsamadhan

Check Also

गवर्नमेंट ई-मार्किट – जीईएम पोर्टल पर राष्ट्रीय मिशन – सरकारी खरीद के आंकड़े

सार्वजानिक खरीद नीति को गति प्रदान करने के लिए जीईएम प्लेटफॉर्म पर राष्ट्रीय मिशन का …