साइंटीलेटर्स ऑन फायर लेकर आये हैं, फारेस्ट फायर अलार्मिंग सिस्टम

पिछले सप्ताह हमने “स्टार्टअप इन द मेकिंग” की शुरुआत की है. इस सीरिज में हम उन स्टार्टअप्स को कवर करेंगे जो कैम्पस में उभर रहे हैं या इन द मेकिंग हैं. इस सप्ताह एसएमई समाधान एक नई सीरिज शुरू कर रहा है “स्टार्टअप इन द मेकिंग”. इस सीरिज में हम उन स्टार्टअप्स को कवर करेंगे जो कैम्पस में उभर रहे हैं या इन द मेकिंग हैं.

आप सबको मालुम ही है कि देश भर में स्मार्ट इंडिया हैकाथान 2018 चल रहा है. स्मार्ट इंडिया हैकथॉन भारत सरकार की एक अनूठी पहल है, जिसके माध्यम से नई डिसरप्टिव डिजिटल प्रौद्योगिकी के साथ नवाचारों द्वारा देश के समक्ष विद्यमान चुनौतियों अथवा समस्याओं के हल ढूँढने के प्रयास किये जा रहे हैं.

आज हम आपका परिचय करा रहे हैं “साइंटीलेटर्स ऑन फायर” नामक टीम से, इस टीम में राजीव गाँधी मेमोरियल कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, नन्दयाल, आन्ध्र प्रदेश के छात्र शामिल हैं, जिन्होंने जंगल में लगने वाली आग की चेतावनी देने के लिए एक प्रोटोटाइप विकसित किया है. इन छात्रों के इस प्रयास को पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा आयोजित स्मार्ट इंडिया हैकाथान 2018 फाइनल राउंड के हार्डवेयर सेक्शन में जगह मिली है.

इस प्रोटोटाइप द्वारा जंगल में लगने वाली आग की प्रारंभिक चेतावनी स्वचालित रीति से वास्तविक समय पर प्राप्त की जा सकती है. “साइंटीलेटर्स ऑन फायर” नाम की इस टीम में ए साई चंद रेड्डी, आर साई किरन, एस शिव चौधरी, के साई भार्गवी, जी श्रुती, डी राघवीप्राशंथी शामिल हैं. इस टीम का मार्गदर्शन कर रहे हैं असिस्टेंट प्रोफेसर, एमके कौशिक जो कि राजीव गाँधी मेमोरियल कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, नन्दयाल में गेस्ट लेक्चर कोऑर्डिनेटर हैं.

एमके कौशिक बताते हैं, हालांकि इस प्रोटोटाइप को बनाने के लिए प्रौद्योगिकी हमने विकसित कर ली थी, लेकिन इसे व्यावहारिक रूप से परखने के लिए हमें किसी जंगल में आग लगने के लिए इन्तजार करना पड़ा. ज्यादातर बार, जब भी वन में आग लगती है और कोई उसे जान पाता है तब तक बहुत देर हो चुकी होती है, क्योंकि आग फ़ैल चुकी होती है और नुकसान हो चुका होता है. इस प्रकार की आग लगने पर पेड़, पौधों, जानवरों, पक्षियों और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुँचता है, सम्पूर्ण वन पारिस्थितिकी तंत्र अस्त व्यस्त हो जाता है, इसलिए इस समस्या का समाधान आवश्यक है और हम इसी समाधान के लिए तत्पर हैं. इस प्रोटोटाइप समाधान के तीन प्रमुख हिस्से हैं, वायरलेस सेंसर नेटवर्क, संचार नेटवर्क, रिसेप्शन सेंटर जिनकी मदद से हम यह चेतावनी तंत्र विकसित कर रहे हैं.

18 से 22 जून के मध्य स्मार्ट इंडिया हैकाथान 2018 हार्डवेयर एडिशन का ग्रैंड फिनाले आयोजित किया गया है, जिसमें वे हिस्सा लेंगे. ग्रैंड फिनाले में हिस्सा लेते समय 3 इंडस्ट्री मेंटोर्स या सलाहकार इनका मार्ग दर्शन करेंगे और इनके प्रोटोटाइप को व्यावहारिक बनाने में उनकी मदद करेंगे. अगर ग्रैंड फिनाले में भी उन्हें चुना जाता है तो सरकार उनके इस स्टार्टअप की सीड फंडिंग करते हुए उनकी परियोजना का वित्त पोषण करेगी.

कैसी लगी आपको उद्यमिता से जुड़ी हमारी यह कहानी, हमें जरूर लिखें. और क्या पढ़ना चाहते हैं आप उद्यमिता के इस मंच हमें अवश्य लिखें. संपर्क सूत्र editor@SMEsamadhan.com  …

Advertisement

About SMEsamadhan

Check Also

Samsung ने लॉन्च किए Galaxy M10 और M20, कीमत ₹7,990 से शुरू

सैमसंग अपने नए स्मार्टफोन Galaxy M10 और Galaxy M20 से मिलेनियल्स को टारगेट करेगी। इंडियन …