वालमार्ट ने खरीदी फ्लिपकार्ट में हिस्सदारी

बाजार वैश्विक हो चला है और अमेरिका की वालमार्ट भारतीय रिटेल बाजार पर कब्जा जमाने की तैय्यारी में है. अमेरिकी रिटेल जायंट ने भारतीय ऑनलाइन रिटेल की सबसे बड़ी कम्पनी फ्लिपकार्ट को 16 अरब $ में ई-कॉमर्स दिग्गज को एक्वायर कर लिया है. इस बड़े निवेश के बदले वालमार्ट, फ्लिपकार्ट की 77% हिस्सेदारी खरीदते अमेज़न को सीधी टक्कर देगी. भारतीय बाजार के लिए 2018 का अब तक का यह सबसे बड़ा अधिग्रहण है.

इस अधिग्रहण के माध्यम से वालमार्ट भारतीय ई-कॉमर्स में नई इक्विटी के जरिये 2 अरब $ अतिरिक्त निवेश करेगी. बाद में यह  इक्विटी इक्षुक निवेशकों को बेची भी जा सकती है.

फ्लिपकार्ट की शेष हिस्सेदारी उसके मौजूदा शेयरधारकों के पास ही रहेगी. इन अन्य शेयरधारकों में सह-संस्थापक बिन्नी बंसल, चीन की टेनसेंट होल्डिंग्स लिमिटेड तथा टाइगर ग्लोबल मैनेजमेंट एलएलसी और माइक्रोसॉफ्ट शामिल हैं. इसके अतिरिक्त इस परियोजना में 20% की हिस्सेदारी इस पटकथा के लेखक जापानी निवेशक सॉफ्ट बैंक की है.

खरीददारी के लिए अमेजन जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की बढ़ती लोकप्रियता के बीच वालमार्ट को उम्मीद है कि इस सौदे के बाद वह इस सेक्टर में अपने पांव जमा पाएगी जो कि वह अभी तक नहीं कर पाई थी. जबकि फ्लिपकार्ट इस सौदे से वालमार्ट की पूंजी और उसके रिटेल व्यवसाय में दशकों के अनुभव का लाभ होगा. इस नींव को और भी मजबूत करने के लिए, इस परियोजना में और भी निवेश लाने के लिए भविष्य में शेयर बाजार में भी जा सकता है.

इस सौदे के बाद फ्लिपकार्ट के सह संस्थापक सचिन बंसल ने अपनी 5.5% की हिस्सेदारी वालमार्ट को बेचकर कम्पनी से अलविदा कह दिया है. फ्लिपकार्ट की वर्तमान वैल्यूएशन 18 से 20 अरब $ आंकी जा रही है. वालमार्ट ने यह सौदा गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट के साथ मिलकर अंजाम दिया है. इसमें वालमार्ट की हिस्सेदारी 60% की है और अल्फाबेट की हिस्सेदारी 15% है.

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