एंट्री इंडिया के नवीन पाठक से एक संवाद

एंट्री इंडिया न्यूजर्सी, यूएसए स्थित एक लिमिटेड लायबिलिटी कम्पनी जिसकी स्थापना 2006 में भारत के छोटे व्यवसायों को विश्वव्यापी अवसरों से जोड़ने के उद्देश्य से की गई है. एंट्री इंडिया के संस्थापक नवीन पाठक एक एनआरआई हैं और अमेरिकी गणराज्य के न्यूजर्सी में काफी पहले से व्यवसाय कर रह रहे हैं.

चूँकि वे भारत से हैं, तो उनमें राष्ट्र के प्रति कुछ करने की भावना का होना लाज़िमी ही था. जब क्या किया जाय यह उन्होंने सोचना शुरू किया, तब उन्होंने सोचा कि क्यों न कुछ ऐसा ही शुरू किया जिस क्षेत्र की मुझे भी जानकारी है, तब उन्होंने एंट्री इंडिया की स्थापना की. अमेरिका में रहते हुए उन्हें वहां के उद्यमिता से सम्बंधित पहलुओं की जानकारी थी ही, भारत के बारे में भी वे जानते हैं और इसके अतिरिक्त विश्व के अन्य कई देशों के बारे में भी उन्हें जानकारी थी. उन्होंने इस बारे में जानकारी इकठ्ठा करना शुरू की, अपने नेटवर्क के लोगों से बात करना शुरू किया और 2006 में एंट्री इंडिया की स्थापना की.

नवीन पाठक, संस्थापक, एंट्री इंडिया

नवीन पाठक ने एंट्री इंडिया को कहाँ तक पहुँचाया है उसका अंदाजा आप खुद ही कुछ विवरणों से लगा सकते हैं, अभी नवम्बर में हैदराबाद में ग्लोबल इंटरप्रेन्योर समिट – 2017 के दौरान इवंका ट्रम्प के साथ आये डेलीगेशन में एंट्री इंडिया का डेलीगेशन भी साथ आया. अभी हाल ही में लखनऊ में हुए यूपी इन्वेस्टर समिट 2018 में भी अमेरिकी डेलिगेशन के साथ एंट्री इंडिया का डेलिगेशन शामिल हुआ. नवीन पाठक न्यूजर्सी की प्रोगिया एलएलसी के साथ भी जुड़े हुए हैं, जो कि स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्र से जुड़ी हुई है. यह एक ओपन एजुकेशन रिसोर्स है, जिससे कई क्षेत्रों में ऑनलाइन कोर्स किये जा सकते हैं. इस प्रकार कहा जाय तो नवीन एंट्री इंडिया के साथ उद्यमिता, कौशल विकास और रोजगार सभी क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं.

नवीन पाठक बताते हैं, “एंट्री इंडिया के माध्यम से अब हम भारत के सूक्ष्म एवं लघु उद्यमिओं को विश्व के अन्य देशों के निवेशकों एवं उद्यमिओं के साथ जोड़ रहे हैं. एंट्री इंडिया की वेबसाइट पर सूक्ष्म, लघु उद्यमी एवं स्टार्टअप्स अपने प्रोजेक्ट्स सबमिट कर सकते हैं. अगर हमें आपके प्रोजेक्ट्स व्याहवारिक लगे तो हम उन्हें अपनी एंट्री इंडिया की वेबसाइट पर अपलोड भी करेंगे और आपके प्रोजेक्ट्स के लिए आपकी आवश्यकता के अनुरूप निवेशक, साझीदार अथवा अन्य समाधान प्रदान करेंगे. इस प्लेटफार्म के माध्यम से हम प्रमुख रूप भारत और अमेरिकी व्यापारिक संबंधों पर सकारात्मक प्रभाव छोड़ते हुए, उद्यमिता, कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में अपने अनुभव का लाभ लेना चाहते हैं. हम भारतीय, अमेरिकी एवं अन्य देशों से आये डेलीगेशनस को गाइड भी करते हैं, वे सुरक्षित व्यापारिक यात्रायें कैसे कर सकें और सही लोगों तक कैसे पहुंचें दोनों विषयों पर काम कर रहे हैं, आप एंट्री इंडिया की वेबसाइट पर आइये अपनी उद्यमिता के लिए समाधान पाइए.

अनिल गुप्ता, वाईस प्रेसिडेंट, एंट्री इंडिया, राजेश सिंह, उत्कर्ष हैंडीक्राफ्ट के साथ

हम किस प्रकार छोटे उद्यमिओं को भी सहयोग कर रहे हैं उसके कुछ उदाहरण भी आपको देता चलता हूँ, यूपी इन्वेस्टर समिट के दौरान हमारी राजेश सिंह से मुलाकात हुई जो कि मूँज की बने हैंडीक्राफ्ट्स पर कार्य कर रहे हैं. उत्कर्ष हैंडीक्राफ्ट्स के नाम से चल रही उनकी विनिर्माण इकाई में 500 से अधिक हस्तशिल्पी कार्य कर रहे हैं. हमने उनकी लिस्टिंग एंट्री इंडिया पर तुरंत जारी करवाई और अब उन्हें आगे बढ़ाने का प्रयास भी कर रहे हैं. हैण्डमेड साबुन, केक शॉप्स, गंगाजल इत्यादि जैसे बहुत से प्रोजेक्ट्स आपको हमारी लिस्टिंग में मिल जायेंगे जो कि सूक्ष्म, लघु या स्टार्टअप स्तर पर कार्य कर रहे हैं. भारत में उद्यमिता के विकास के लिए एंट्री इंडिया प्रतिबद्ध है और इसके लिए हमारे प्रयास जारी रहेंगे.

नवीन पाठक आगे कहते हैं, “भारत में व्यापार करने को लेकर बरसों बरस यह छवि बनी रही कि यहाँ व्यापार करना बहुत ही चुनौती पूर्ण है, यहाँ सिर्फ बड़ी व्यापारिक मछलियाँ ही तैर सकती हैं. आर्थिक उदारीकरण के साथ इस छवि में थोड़े सकारात्मक  परिवर्तन आये, लेकिन नरेंद्र मोदी के करिश्माई नेतृत्व में यह छवि तेजी के साथ बदली. डिजिटल इंडिया के साथ बहुत कुछ पारदर्शी और आसान भी हुआ. इस बदलते भारत में एंट्री इंडिया ने “डूइंग बिज़नेस इन इंडिया” की मुहिम पर जोर दिया और भारत में व्यापार के लिए प्रवेश, विस्तार और साथ ही साथ दुनिया भर के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमिओं को भारत के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमिओं के साथ जोड़ने का बीड़ा उठाया.”

एंट्री इंडिया इन विदेशी एवं एनआरआई उद्यमिओं को भारत में व्यापार करने के हर पहलू के लिए मदद करता है. एंट्री इंडिया के साथ अमेरिका और भारत से जुड़े आरएंडडी कर्मचारी, उद्यमी, सामरिक भागीदार और उद्योग संघ शामिल हैं, जिनके पास भारत में व्यापार करने एवं उसका विस्तार करने का प्रबल अनुभव है.

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कैसा लगा एंट्री इंडिया के संस्थापक, नवीन पाठक से यह संवाद आपको, हमें अवश्य लिखें, और क्या पढ़ना चाहते हैं आप यहाँ वह भी हमें अवश्य लिखें. संपर्क सूत्र editor@SMEsamadhan.com

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