पिपरिया से ग्लोबल ब्रांड बनने की एक छोटी सी कोशिश

सरकारें, फंडिंग करने वाले संस्थान, कॉर्पोरेटस, कॉल-सेंटर, स्टार्टअप्स, एसएमई सभी आज देश के टियर टू, टियर थ्री सिटीज की ओर उन्मुख होने को तैय्यार हैं, क्योंकि उन्हें वहां अवसर दिखाई दे रहे हैं. ऐसे में हम चाहेंगे कि लोग उनको भी जाने जो पहले से ही ऐसे शहरों में कुछ कर रहे हैं, आज इसी कड़ी में हम आपका परिचय करायेंगे मध्यप्रदेश में होशंगाबाद, पिपरिया की महिला उद्यमी वर्षा सावला से. वर्षा सावला से SMEसमाधान से बातचीत के अंश.

वर्षा सावला, संस्थापक, यूवी क्रिएशन्स

वर्षा सावला ने 2017 में पिपरिया के तिलक वार्ड में वर्षा सावला ने यूवी क्रिएशन्स नाम से घर पर ही स्थित डिजाईन स्टूडियो या फैशन बुटीक की स्थापना की है. उनका ब्रांड एक्सप्रेशंस देश विदेशों में एक डिज़ाइनर ब्रांड के रूप में फ़ैल रहा है, अपने ब्रांड के अतिरिक्त यूवी क्रियेशनस देश विदेश के बड़े ग्राहकों को कस्टमाइज्ड सेवाएं प्रदान करता है, बड़े क्लाइंट्स को वर्षा सैंपल डेवलपमेंट में भी सहायता करती हैं.

वर्षा हँसते हुए बताती हैं, इस फैशन डिज़ाइनर की कहानी कॉलेज के दिनों में जाने अनजाने ही मित्रों, घर के लोगों के कपड़े डिजाईन करते हुए शुरू हो गई थी. इन सबकी की आँखों में मुझे अपना भविष्य कहीं दिखने लगा. कॉलेज ख़त्म होने के बाद हायर स्टडीज के लिए मुंबई पहुँची, फैशन डिजाइनिंग में एडमिशन लिया और पंख फैला दिए इस पिपरिया की चिरैया ने.

आगे बताते हुए वर्षा सावला कहती हैं, फैशन डिजाइनिंग की पढ़ाई के दौरान ही मैंने मुंबई की फैक्ट्रीज में काम करना भी शुरू कर दिया था, बाद में मैंने कुछ एक्सपोर्ट हाउसेज के लिए हेड डिज़ाइनर के तौर पर भी काम किया. देश की व्यापारिक राजधानी मुंबई में रहते हुए भी, पिपरिया का मोह मुझसे न छूटा और मैंने अपना भविष्य यहीं तलाशा. और यहीं अपना कारोबार स्थापित करने का प्रयास कर रही हूँ.

यूवी क्रिएशन्स अपने ब्रांड “एक्सप्रेशन्स” के साथ अपने ग्राहकों के लिए उनके व्यक्तित्व के अनुरूप, पर्यावरण अनुकूल अथवा इको फ्रेंडली एवं स्थाई परिधान उपलब्ध करवाना चाहता है. हमारे परिधान पूर्णतया स्वदेशी कपड़ों से निर्मित होते हैं, ये अपने परिधानों के लिए कपड़े ग्रामीण महिला बुनकरों एवं कारीगरों द्वारा समकालीन डिजाईनस के अनुरूप विशेष रूप से आर्डर देकर बनवाये जाते हैं, हम इनमें पर्यावरण अनुकूलन का विशेष ध्यान रखते हैं. हम अपने ब्रांड का असर सकारात्मक सामाजिक विकास की तर्ज पर देखना चाहते हैं, हम एक ऐसा ब्रांड बनना चाहते हैं जो कि पूर्ण से पर्यावरण अनुकूल हो. हमारा ब्रांड भारतीय कला और संस्कृति का सार है, हमारा ब्रांड एक्सप्रेशन्स फैब्रिक के स्तर पर कोई भी समझौता किये बिना, पारंपरिक कढ़ाई और प्रिंट के साथ अपनी जगह बना रहा है.

अब हमारा ध्यान टिकाऊ खादी उत्पादों पर है, अपनी फ्यूचरिस्टिक एप्रोच के साथ एक्सप्रेशन्स बाजार में लेकर आये हैं, “नेक्स्ट जनरेशन – खादी” जो कि निश्चित रूप से युवाओं का मन मोह रही है. हमारे परिधानों में आप वेस्टर्न कट्स के साथ परम्परागत फैब्रिक का फ्यूज़न है, जो युवाओं को प्रमाणिक फैशन की वजह से आकृष्ट कर रहा है और करेगा.

हमारे ब्रांड ई-कॉमर्स साइट्स अमेज़ॅन इत्यादि पर भी मौजूद है और अब हम सम्पूर्ण भारत में अपनी व्यक्तिगत मौजूदगी या रिटेल संरचना की स्थापना की सोच रहे हैं. हम पूरे देश में बुटीक और खुदरा विक्रेताओं के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और आगे भी करते जायेंगे.

अंत में कहीं दूर देखते हुए वो कहती हैं, पिपरिया का यह ब्रांड एक्सप्रेशन्स एक दिन देखिये ग्लोबल नक़्शे में भी दिखेगा.

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कैसी लगी आपको पिपरिया से यूवी क्रिएशन्स की यह कहानी, हमें अवश्य लिखें, और क्या पढ़ना चाहते हैं आप यहाँ हमें अवश्य लिखें. संपर्क सूत्र editor@SMEsamadhan.com

 

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