कीजिये जैगल अब काहे का हैगल

जैसा कि उनकी टैगलाइन कहती है “व्हाई हैगल व्हेन यू कैन जैगल”, ऑन और ऑफ दोनों शॉपिंग का मजा लीजिये जैगल के साथ. इस डिजिटल होती दुनिया में जैगल अथवा Zaggle एक भुगतान कंपनी है जो विभिन्न प्रोफेशनल एवं कॉर्पोरेट समूहों को अपनी सेवाएं प्रदान करती है. जैगल उपभोक्ताओं एवं कॉर्पोरेट खर्च को देश भर के सौदागरों अथवा मर्चेंट्स से अपने स्वामित्व वाले एक तकनीकि प्लेटफार्म के माध्यम से जोड़ता है.

राज एन फनी , संस्थापक एवं चेयरमैन , जैगल

जैगल की स्थापना 2011 में राज एन फनी द्वारा की गई थी. राज एक क्रमिक उद्यमी एवं सीड (सीड फंडिंग) निवेशक हैं. राज एन फनी को इस सन्दर्भ में विचार इसके पूर्व उनके चल रहे उद्यम ई-यंत्र को दौरान आया. राज ई-यंत्र के भी संस्थापक हैं और यह कम्पनी ब्रांड मर्चेंडाइजिंग एवं कॉर्पोरेट गिफ्टिंग के क्षेत्र में काम करती है. इस दौरान ही राज ने महसूस किया कि ग्राहकों के लिए उनकी पसंद के साथ साथ विकल्पों में लचीलेपन की भी आवश्यकता है. जब कॉर्पोरेटस इस समाधान हेतु उनके पास अपनी जिज्ञासायें भेज रहे थे उसी दौरान राज ने समाधान के तौर पर जैगल नामक यह मंच खड़ा कर दिया. इस मंच पर व्यापारी और उपभोक्ता अब आमने सामने थे और एक दूसरे से सहज रूप से बातचीत भी कर सकते थे, इस प्रकार ज़ग्गले का जन्म हुआ और आगे की कहानी आप लोगों के सामने ही है.

जैगल ऑनलाइन प्लेटफार्म के संस्थापक एवं चेयरमैन राज एन फनी बताते हैं, “हम अपने उपभोक्ताओं के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए मौजूद हैं. इस प्लेटफार्म के माध्यम से कर्मचारी वेतनमान प्रणाली, कर्मचारी लाभ एवं व्यय प्रबंधन के माध्यम से कर्मचारियों के पुरस्कार और मान्यता, सामूहिक भोज इत्यादि का प्रबंधन किया जाता है. कॉर्पोरेट जगत में अपने कर्मचारियों को आज कल अलग अलग ढंग से प्रोत्साहन प्रदान किया जाते हैं और जैगल इन्हीं के व्यय का प्रबंधन कर रहा है. कर्मचारिओं को चैनल पार्टनर्स से मिलने वाले प्रोत्साहन, ऑनलाइन शॉपिंग के कैशबैक, रेस्टोरेंट्स कैशबैक इत्यादि के प्रबंधन हेतु यह प्लेटफार्म कार्य कर रहा है. कुछ चुनिन्दा कॉर्पोरेटस की अगर बात करें तो हम यस बैंक, याहू, एक्सिस बैंक, एडलवाइस, डब्ल्यू.एन.एस. ग्लोबल सर्विसेज, बेट्टी थॉमस इत्यादि जैसों को अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं.”

अविनाश गोदखिंदी, प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जैगल

जैगल के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी अविनाश गोदखिंदी अपने लक्ष्य के सन्दर्भ में बात करते हुए बताते हैं, “हमारा लक्ष्य अपने उपभोक्ताओं को भुगतान सक्षम एवं अभिनव तकनीकि समाधानों से युक्त करते हुए, उन्हें सामूहिक रूप से उनके लिए खासतौर पर सृजित अनुभवों के साथ साथ उनके खर्च पर भी बचत उपलब्ध कराई जाती है. हम अपने इस लक्ष्य को अनुशासित निष्पादन एवं तीव्र उत्पाद विकास के माध्यम से अर्जित करने के लिए प्रयासरत हैं. हमारी शक्ति या सामर्थ्य हमारी गुणवत्ता पूर्ण टीम में निहित है, 200 + की हमारी यह टीम अपने मजबूत इरादों के साथ आगे बढ़ रही है.”        

राज एन फनी बताते हैं कि “जैगल मंच या प्लेटफार्म जब मात्र एक आईडिया के रूप में मेरे दिमाग में घुमड़ रहा था, तब भी हमारा विज़न इस बारे एकदम स्पष्ट था कि हमें इन ऑनलाइन उपभोक्ताओं को ऑफलाइन अनुभवों से दूर नहीं रखना है. हम यहाँ व्यक्तिगत इकाईयों के लिए नहीं, बल्कि समूहों के लिए स्वप्न देख रहे थे और उनके लिए समाधान ढूंढ रहे थे, जिसमें हम सफल हुए.”

 

जैगल, इस ऑनलाइन प्लेटफार्म पर अपनी सेवाएं जैगल कार्ड्स, जैगल मील एंड बेनेफिट कार्ड्स, रिवॉर्ड एंड रिकग्निशन सिस्टम, ग्रुप डाइनिंग डील्स, एम्प्लोई पर्क सिस्टम तथा गिफ्टकार्ड एंड लॉयल्टी सिस्टम के माध्यम से प्रदान करता है. आज देश भर में जैगल के 10 ऑफिस हैं, 200 से अधिक की टीम इस परियोजना पर लगातार काम कर रही है. उनके खाते में 2500 से अधिक कॉर्पोरेट क्लाइंट्स हैं, जिन्हें वे 6500 से अधिक व्यापारिक इकाईयों के माध्यम से अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं. उनके 7.5 लाख से अधिक गिफ्ट कार्ड्स बाजार में हैं और इस जैगल प्लेटफार्म के 2.5 मिलियन उपयोगकर्ता हैं. अपने विज्ञापनों या एडवरटाइजिंग कैंपेन से भी जैगल आज कल काफी धूम मचा रहा है, जैगल ने हार्दिक पंड्या को अपना ब्रांड एम्बैसडर बनाया है. हार्दिक पंड्या द्वारा किया गया विडियो कैंपेन “रॉकस्टार ऑन एंड ऑफ द फील्ड” काफी लोकप्रिय हो रहा है.

 

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कैसी लगी आपको सामाजिक उद्यमिता से जुड़ी  जैगल की यह कहानी, हमें अवश्य लिखें, और क्या पढ़ना चाहते हैं आप यहाँ हमें अवश्य लिखें. संपर्क सूत्र editor@SMEsamadhan.com

 

 

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