पान बनारसिया, मस्त बनारसी पान

“बनारस” के “सिगरा” से चला यह मस्त बनारसी पान, अब सारी दुनिया की “बंद पड़ चुके अकल के तालों” को खोलने निकल चुका है. व्यंजनों के बाद खाए जाने वाले पान को इन्होंने लगभग व्यंजन में ही तब्दील कर दिया है. कितने तरह की पान हैं इनके पास मैं अभी गिन नहीं पाया हूँ. फिर भी “मस्त बनारसी” सादा पान, चॉकलेट पान, चुस्की पान, खोवा पान, फायर पान और न जाने ही कितने फ्लेवरों में पान. पान के साथ साथ पान फ्लेवर्ड मिल्क शेक्स और ठंडई भी इनके पास उपलब्ध हैं और अब तो ये आपको कुल्ल्हड़ चाय भी पिलवा रहे हैं.

तो आइये “एसएमई समाधान” के माध्यम से इस बार हम आपके बंद दिमाग का ताला तोड़ते हैं और आपको मस्त बनारसी पान खिलवाते हैं.

माया ठाकुर .

मस्त बनारसी पान की निदेशक माया ठाकुर बताती हैं, “पान भारत की जीवन शैली में महत्वपूर्ण स्थान रखता है. भारतीय मसालेदार व्यंजनों के बाद “माउथ फ्रेशनर” या मुखवास के रूप पान का चलन हमारी इस जीवन शैली के साथ जुड़ा हुआ है. अपनी आकर्षक सुगंध और मिठास के चलते पान के प्रति भारतीयों का प्रेम अगाध है. मस्त बनारसी पान आपके लिए बहुत से स्वादों में पान लेकर आता है. गुणवत्ता या क्वालिटी के क्षेत्र में माया ठाकुर का खुद का अनुभव भी मस्त बनारसी पान को आगे बढ़ा रहा है. हमारे उत्पादों में मिलाई जाने वाली सामग्री पान के पत्ते, कत्था, चूना, सुपारी, तम्बाकू, चॉकलेट, शक्कर, कैंडीज इत्यादि की खरीद के समय हम गुणवत्ता का बहुत ध्यान रखते हैं. इनमें मिलाई जाने वाली सभी समग्रिओं की खरीद प्रसिद्द निर्माताओं, आयातकों एवं पूर्तिकारों से ही की जाती है.”

मस्त बनारसी पान के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पी.एन. ठाकुर “आनंद” बताते हैं, “हम आज बनारस के सिगरा से बढ़ते हुए सम्पूर्ण भारत में फ़ैल रहे हैं, मुंबई, दिल्ली, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, अगरतला, गुवाहाटी, बरेली इत्यादि प्रमुख शहरों के साथ साथ हम राजस्थान, यू.पी., एमपी, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, ओडिशा, उत्तराखंड, हरियाणा, महारष्ट्र, तमिलनाडू, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, असम, गुजरात के प्रमुख शहरों में फ़ैल चुके हैं. यह रिटेल सेटअप देश भर में मौजूद खुदरा दुकानों के माध्यम से बढ़ाया जा रहा है, जिससे बहुत से बेरोजगारों को रोजगार मिल भी रहा है और आगे भी मिलता रहेगा.”

पी.एन. ठाकुर – आनंद

मस्त बनारसी पान “सेलेब्रिटीज बनारसी पान प्राइवेट लिमिटेड” का ब्रांड है. यह भारत के पान एवं माउथ फ्रेश्नर्स बाजार में देश का पहला व्यवस्थित ब्रांड है. देश भर में फ़ैली खुदरा दुकानों के अतिरिक्त आप इनके उत्पाद ऑनलाइन भी प्राप्त कर सकते हैं. मस्त बनारसी पान पर आपको ऑनलाइन होम डिलीवरी, ऑनलाइन इवेंट बुकिंग, कॉर्पोरेट टाईअप एवं रिटेल सेल्स के विकल्प मिलते हैं, जिनके माध्यम से आप अपनी आवश्यकता अनुरूप उनके पान खा सकते हैं या अपने मेहमानों को खिला सकते हैं.

थोड़ी देर बाद हमारी मस्त बनारसी पान के इस युवा उद्यमिओं माया ठाकुर एवं पी.एन. ठाकुर उर्फ़ आनंद के साथ यह वार्तालाप उन्हीं की मेहमान नवाजी के रूप में पेश की गई, कुल्ल्हड़ चाय के साथ थोड़ी अनौपचारिक हो चली थी. अब हम प्रश्न करते तो दोनों युवा मिलकर ही जवाब दे रहे थे, जहाँ एक थोड़ा रुकता दूसरा उस उत्तर को लेकर आगे बढ़ जाता, कुछ भी हो उनका जोश उनकी भाव भंगिमा से झलक रहा था. मेरे प्रश्नों के जवाब इस प्रकार आ रहे थे, “2017 में की हमने इसकी शुरुआत की. आनंद बोलते हैं, बरसों बरस हम दूसरे शहरों में घूम रहे था या रह रहे थे, तो हम खांटी बनारसिये वहां भी खाने के बाद अच्छा पान जरूर तलाशते थे, कभी मिलता, कभी नहीं मिलता और कई बार तो बनारस के नाम पर बहुत ही घटिया स्तर का पान मिलता. हम न तो बनारस का नाम खराब होने देना चाहते थे और न ही बनारसी पान का. बस यहीं से आईडिया उठा और सब कुछ छोड़ छाड़ के बनारस आ धमके और शुरू किया ग्राउंड वर्क, रिसर्च वर्क, कहाँ से क्या आएगा, कैसे कैसे फायनली यह सब कुछ होगा उसकी योजना बनी और 2017 में हमनें लांच किया सेलेब्रिटीज बनारसी पान प्राइवेट लिमिटेड का पहला पान ब्रांड “मस्त बनारसी पान”.

आनंद कहते हैं, “जैसा कि हम जानते हैं कि बनारस का पान पूरे विश्व में प्रसिद्ध है, लेकिन इस क्षेत्र को व्यवस्थित रूप से किसी ने नहीं देखा. पान एक ऐसा उत्पाद है जो हमारी लाइफ स्टाइल का हिस्सा है, हमारे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक मूल्यों से भी पान का लगाव रहा है, हमारी कोई भी पूजा पान के बिना पूर्ण नहीं हो सकती. अरे पान के शौकीनों को हमारे समाज में खुले दिमाग वाला माना है, इसे बड़े आदमिओं का शौक माना गया है.” हम अपने फ्लेवर्ड पान को प्रमोट करते समय इस बात का भी ध्यान रखते हैं, कि लोग गुटका इत्यादि खाने की बजाय स्वास्थ्यवर्द्धक मीठे और फ्लेवर्ड पान ही खाएं जो हमारे यहाँ प्राकृतिक सामग्रिओं से ही बनाये जाते हैं.

माया ठाकुर यहाँ से उत्तर की कमान संभाल लेती हैं, वो बताती हैं, “रोजगार के अवसरों की आज देश में बहुत आवश्यकता है, हम इस दिशा में अपने फ्रैंचाइज़ मॉडल से कार्य कर रहे हैं. हमारा फ्रैंचाइज़ मॉडल बहुत ही आसन और फायदेमंद दोनों है. इसमें हम 3-4 लाख रुपयों का निवेश आमंत्रित करते हैं, हम स्थानीय पार्टनर को सम्पूर्ण कच्चा उत्पाद और पूर्ण प्रशिक्षित पान बनाने वाला स्टाफ साथ में उपलब्द्ध करवाते हैं. वर्तमान में हमारे पास कुल 42 तरीके के पान उपलब्द्ध हैं. सम्पूर्ण भारत में हमारी 50  फ्रेंचाइजीज कार्य कर रही हैं और 10 की श्रृंखला आगे महीने खुलने वाली है.

मस्त बनारसी पान का लक्ष्य यही है कि बनारसी पान विश्व के हर कोने में उपलब्द्ध हो. उनकी तीन अंतर्राष्ट्रीय फ्रेंचाइजीज से बात चल रही है, इनका उद्देश्य विश्व पटल पर मस्त बनारसी पान को फैला देने का इरादा है. भारतवर्ष में तो ये त्रिपुरा से लेकर अगरतला, असम से लेकर ओडिशा तक इन्होने अपनी पहुँच बना ली है. स्वप्न है कि इस अलौकिक बनारसी पान के स्वाद से कोई वंचित न रह जाय.

कैसी लगी आपको उद्यमिता से जुड़ी वाराणसी शहर से शुरू हुई यह कहानी, हमें अवश्य लिखें, और क्या पढ़ना चाहते हैं आप यहाँ हमें अवश्य लिखें. संपर्क सूत्र editor@SMEsamadhan.com

*तम्बाकू सेहत के लिए हानिकारक है और इससे कर्क रोग होता है. हम तम्बाकूयुक्त किसी भी उत्पाद का समर्थन नहीं करते.     

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