एमएसएमई एवं नवाचार को ऋण के लिए 3794 करोड़ रूपये

केंद्रीय बजट 2018-19 में सूक्ष्‍म लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) के लिए 3794 करोड़ रूपये के प्रावधान की घोषणा करते हुए केंद्रीय वित्‍त एवं कॉरपोरेट मामलों के मंत्री श्री अरुण जेटली ने कहा कि ऐसा इस क्षेत्र को ऋण समर्थन, पूंजी एवं ब्‍याज सब्‍सिडी और नवाचार के लिए किया गया है। संसद में आज केंद्रीय बजट 2018-19 को प्रस्‍तुत करते हुए श्री जेटली ने कहा कि कपड़ा क्षेत्र के लिए 7148 करोड़ रूपये आबंटित किए गए हैं.

वित्‍त मंत्री ने जोर देकर कहा कि पिछले 3 साल से रोजगार के अवसर सृजित करना और लोगों को रोजगार मुहैया कराना सरकार की प्रमुख नीति रही है. उन्‍होंने कहा कि हाल में एक स्‍वतंत्र अध्‍ययन से पता चला है कि इस साल 70 लाख औपचारिक रोजगार के अवसर सृजित हुए. श्री जेटली ने कहा कि सरकार अगले तीन साल तक सभी क्षेत्रों के लिए कर्मचारी भविष्‍य निधि (ईपीएफ) में नए कर्मचारियों के 12 फीसदी वेतन का योगदान जारी रखेगी. वित्‍त मंत्री ने सभी क्षेत्रों में सावधि रोजगार सुविधा में विस्‍तार का भी जिक्र किया। उन्‍होंने रेखांकित किया कि सरकार एमएसएमई क्षेत्र के डूबते खातों और गैर-निष्‍पादित आस्‍तियों से प्रभावी तौर पर निपटने के लिए उपायों की जल्‍द घोषणा करेगी.

एमएसएमई पर कर का बोझ घटाने और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित करने के एक प्रयास के तहत श्री जेटली ने उन कंपनियों को 25 फीसदी कम दर का लाभ देने की घोषणा की जिन्‍होंने वित्‍त वर्ष 2016-17 में 250 करोड़ रुपये तक का कुल कारोबार दर्ज किया. वित्‍त मंत्री ने कहा, ‘इससे पूरे सूक्ष्‍म, लघु एवं मझोले उद्यम वर्ग को फायदा मिलेगा जिसमें आयकर रिर्टन दाखिल करने वाली लगभग 99 फीसदी कंपनियां आती हैं.’ उन्‍होंने विश्‍वास जताया कि 99 फीसदी के लिए कम कॉरपोरेट आयकर दर से कंपनियों के पास निवेश करने के लिए अतिरिक्‍त रकम उपलब्‍ध होगी जिससे रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा.

वित्‍त मंत्री श्री जेटली ने औपचारिक क्षेत्र में अधिक से अधिक महिलाओं को रोजगार में प्रोत्‍साहन प्रदान कराने पर जोर दिया. उन्‍होंने कहा कि इससे उनकी आमदनी बढ़ेगी। श्री जेटली ने कहा, ‘कर्मचारी भविष्‍य निधि एवं विविध प्रावधान अधिनियम 1952 में संशोधन के जरिए पहले तीन साल के दौरान महिला कर्मचारियों का योगदान घटाकर 8 फीसदी करने का प्रस्‍ताव है जो फिलहाल 12 फीसदी अथवा 10 फीसदी है. जबकि नियोक्‍ता के योगदान में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा.’

वित्‍त मंत्री ने घोषणा की है कि सरकार प्रधानमंत्री कौशल केंद्र कार्यक्रम के तहत देश के प्रत्‍येक जिले में एक कौशल केंद्र स्‍थापित करेगी। श्री जेटली ने कहा कि उन्‍होंने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और कंपनियों को ट्रेड इलेक्‍ट्रॉनिक रिसीवेबल डिस्‍काउंटिंग सिस्‍टम (टीआरईडीएस) प्‍लेटफॉर्म पर लाने और उन्‍हें जीएसटीएन से लिंक करने का प्रस्‍ताव दिया है. उन्‍होंने कहा, ‘एमएसएमई को दी जा रही ऑनलाइन ऋण मंजूरी सुविधा में संशोधन किया जाएगा ताकि  बैंक जल्‍द निर्णय ले सके.’

श्री जेटली ने गैर बैंकिंग वित्‍तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के पुर्नवित्‍त पोषण को बेहतर बनाने के लिए एमयूडीआरए द्वारा स्‍थापित पात्रता मानदंड एवं पुर्नवित्‍त पोषण नीति की समीक्षा का उल्‍लेख किया. इस संदर्भ में उन्‍होंने 2018-19 के लिए एमयूडीआरए के तहत 3 लाख करोड़ रुपये के ऋण वितरण का लक्ष्‍य रखने का प्रस्‍ताव दिया। पिछले सभी वर्षों के दौरान इन लक्ष्‍यों में वृद्धि की गई.

वित्‍त मंत्री ने वित्‍त मंत्रालय के उस समूह का भी उल्‍लेख किया जो फिनटेक कंपनियों के विकास के लिए उपयुक्‍त माहौल सृजित करने के लिए जरूरी नीतिगत एवं संस्‍थागत विकास उपायों पर विचार कर रहा है. उन्‍होंने यह भी कहा कि वेंचर कैपिटल फंड के लिए बेहतर माहौल तैयार करने और देश में वैकल्‍पिक निवेश के सफल संचालन के लिए अतिरिक्‍त उपाए किए जाएंगे.

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स्रोत – पी.आई.बी.

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